भोपाल। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक और सजग रहने की अपील की। उन्होंने तनावमुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों से सामूहिक भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व देना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अकेलापन और चिंता जैसी समस्याएं लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। विशेष रूप से युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इनका असर पड़ सकता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर बातचीत करना और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं। परिवार और समाज में ऐसा वातावरण बनाया जाना चाहिए, जहां लोग अपनी मानसिक परेशानियों को बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। अपनों के साथ संवाद, आपसी सहयोग और संवेदनशील व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर पहचान, उचित परामर्श और आवश्यक उपचार से कई परेशानियों को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है। परिवार के सदस्यों, मित्रों और समाज की भूमिका भी इस दिशा में महत्वपूर्ण है।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़े भ्रम तथा सामाजिक झिझक को कम करना है। मानसिक रूप से स्वस्थ नागरिक ही परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री की अपील का संदेश स्पष्ट है कि स्वस्थ जीवन के लिए शरीर के साथ मन का स्वस्थ रहना भी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों, जागरूकता और सहयोग के माध्यम से मध्यप्रदेश को अधिक स्वस्थ और तनावमुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।








