न्यूयॉर्क। चित्तौड़गढ़ से भाजपा सांसद सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम में हिंदी भाषा के महत्व, उसकी वैश्विक पहचान और भारतीय संस्कृति में उसकी भूमिका पर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश की विभिन्न मातृभाषाओं के सम्मान और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीपी जोशी ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण भाषा के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि किसी देश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान को भी दर्शाती है। हिंदी ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को अभिव्यक्त करने और लोगों को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी दिवस का आयोजन हिंदी की वैश्विक पहचान को रेखांकित करता है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने और भारतीय संस्कृति से लोगों को परिचित कराने का अवसर मिलता है।
सांसद ने मातृभाषाओं के संरक्षण और सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया। भारत जैसे बहुभाषी देश में अलग-अलग भाषाएं और बोलियां देश की सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। उन्होंने बहुभाषावाद को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सभी भाषाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम का व्यापक संदेश हिंदी के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के साथ भाषाई विविधता को महत्व देना रहा। हिंदी को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने और अन्य मातृभाषाओं के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना भाषा संबंधी प्रयासों का अहम हिस्सा है।
इस आयोजन के जरिए हिंदी की वैश्विक उपस्थिति, भारतीय संस्कृति और भाषाई समावेशिता से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया गया।








