चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब और पौराणिक श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शनिवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके साथ ही इस वर्ष की तीर्थयात्रा का समापन हो गया। कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और अरदास में शामिल होकर सुख-शांति की कामना की।
समुद्र तल से लगभग 4,632 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब सिख समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्गों से यात्रा कर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों और प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह पवित्र स्थल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है।
कपाट बंद होने के दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के समक्ष शीश नवाया और अगले यात्रा सत्र में दोबारा दर्शन करने की कामना की। मौसम में बदलाव और ऊंचाई वाले क्षेत्र में सर्दी बढ़ने के कारण यहां हर वर्ष निर्धारित अवधि के बाद कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
श्री हेमकुंड साहिब के समीप स्थित श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। सर्दियों में इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण आवागमन कठिन हो जाता है।
कपाट बंद होने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां अब अगले यात्रा सत्र तक स्थगित रहेंगी। श्रद्धालुओं को आगामी यात्रा शुरू होने की आधिकारिक घोषणा के बाद ही दर्शन की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।








