देशभर में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने और स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश देने के लिए व्यापक स्तर पर ‘नशामुक्त युवा पदयात्रा’ आयोजित की गई। देश के अलग-अलग हिस्सों में 150 से अधिक स्थानों पर हुई इन पदयात्राओं में एक लाख से ज्यादा युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा। विभिन्न स्थानों पर प्रतिभागियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
युवाओं ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
पदयात्राओं के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने ‘नशामुक्त युवा’ की शपथ ली। उन्होंने नशीले पदार्थों से स्वयं दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।
प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई। अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।
पदयात्रा के जरिए दिया जागरूकता का संदेश
देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं ने पदयात्रा के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूक किया। इस दौरान नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक नुकसान को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अभियान में शामिल युवाओं ने लोगों से अपील की कि वे नशे की शुरुआत से ही खुद को दूर रखें और किसी व्यक्ति के नशे की गिरफ्त में आने पर उसे हतोत्साहित करने के बजाय सही मार्गदर्शन और सहयोग दें।
युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने पर जोर
नशामुक्ति अभियान में युवाओं की भागीदारी को खास महत्व दिया गया। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया, ताकि उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सके।
आयोजकों और प्रतिभागियों का मानना रहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही नशामुक्ति का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
एकजुट होकर नशे के खिलाफ आवाज
150 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित पदयात्राओं और उनमें एक लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी ने नशे के खिलाफ सामूहिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रमों में युवाओं के साथ अन्य नागरिकों की भागीदारी ने भी इस अभियान को व्यापक सामाजिक समर्थन दिया।
‘नशामुक्त युवा पदयात्रा’ के जरिए युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करें। नशामुक्त, स्वस्थ और जिम्मेदार समाज के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को इस अभियान का प्रमुख संदेश बनाया गया।








