स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन आज से भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। दौरे के दौरान राष्ट्रपति पार्मेलिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति पार्मेलिन की इस यात्रा में भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा। दोनों पक्ष व्यापार और निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, आवागमन, संस्कृति तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।
व्यापार और निवेश पर रहेगा विशेष फोकस
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक संबंध इस यात्रा के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ाने तथा कारोबारी सहयोग को नई गति देने पर बातचीत हो सकती है।
स्विट्जरलैंड यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA का प्रमुख सदस्य है। भारत और EFTA के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) भी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। भारत और EFTA ने 2024 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें भारत में अगले 15 वर्षों के दौरान 100 अरब डॉलर के निवेश और करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की प्रतिबद्धता शामिल है।
ऐसे में पार्मेलिन की यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा को खास महत्व मिलने की संभावना है।
विज्ञान, तकनीक और नवाचार पर भी बातचीत
दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन इस क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा करेंगे तथा संयुक्त शोध, नई तकनीकों और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने के अवसरों पर चर्चा कर सकते हैं।
फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन के बीच मुलाकात हुई थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश के साथ विज्ञान-प्रौद्योगिकी, नवाचार, कौशल विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की थी।
लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर
भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध केवल व्यापार और तकनीक तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क भी द्विपक्षीय रिश्तों का अहम हिस्सा हैं।
राष्ट्रपति पार्मेलिन की यात्रा के दौरान मोबिलिटी और पीपुल-टू-पीपुल कनेक्टिविटी से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के नागरिकों, छात्रों, पेशेवरों और कारोबारी समुदाय के बीच संपर्क को और मजबूत करना है।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मिलेगी नई गति
राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने के लिए कई स्तरों पर प्रयास जारी हैं। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद के अलावा EFTA के साथ आर्थिक साझेदारी ने भी द्विपक्षीय संबंधों के लिए नया आधार तैयार किया है।
इस यात्रा के दौरान दोनों नेता आपसी सहयोग की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के साथ भविष्य के लिए प्राथमिकताएं तय करने पर भी चर्चा करेंगे। व्यापार, निवेश और तकनीक के साथ संस्कृति तथा नागरिकों के बीच संपर्क को मजबूत करना दोनों देशों के व्यापक संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजकीय यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम
राष्ट्रपति पार्मेलिन की भारत यात्रा तीन दिनों की है। इस दौरान उनके भारतीय नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय संवाद के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। यात्रा को भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
फरवरी में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुई मोदी-पार्मेलिन मुलाकात के बाद यह राजकीय यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।








