उज्जैन। सिंहस्थ-2028 के आयोजन को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने हरिफाटक ब्रिज के समीप निर्माणाधीन अंडरपास सहित विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता का जायजा लिया।
सिंहस्थ-2028 के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने और स्थानीय नागरिकों को यातायात संबंधी परेशानियों से राहत दिलाने के उद्देश्य से शहर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों और उनकी मंशा के अनुरूप प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण, अंडरपास तथा नई सड़क कनेक्टिविटी से जुड़े विभिन्न विकास कार्य प्रगतिरत हैं।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त और कलेक्टर ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति का अवलोकन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना, आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाना और सिंहस्थ के दौरान संभावित भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना है।
हरिफाटक क्षेत्र उज्जैन के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, गति और यातायात व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि सिंहस्थ-2028 से पहले आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा सकें। इन परियोजनाओं के माध्यम से उज्जैन में यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।








