नई दिल्ली। भारत और लाइबेरिया ने वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों पर हाल के दिनों में हुए हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। दोनों देशों ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें तत्काल रोकने की मांग की। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुद्री व्यापार को निर्बाध बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दोनों देशों का मानना है कि समुद्र में जहाजों और उनके चालक दल को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे हमलों से न केवल नाविकों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि माल की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियों और समुद्री परिवहन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
भारत और लाइबेरिया ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत को भी रेखांकित किया। दोनों देशों के अनुसार, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है। समुद्री मार्गों पर शांति और स्थिरता बनाए रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है।
भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के प्रमुख मार्गों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानता है। वहीं, लाइबेरिया भी वैश्विक समुद्री परिवहन क्षेत्र में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में दोनों देशों की ओर से समुद्री हमलों के खिलाफ उठाई गई आवाज को जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि समुद्री गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हिंसक घटनाओं पर रोक लगाना आवश्यक है। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को हमलों से बचाने तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और नियमों का सम्मान सुनिश्चित करने पर बल दिया।
समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत और लाइबेरिया की यह साझा चिंता ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब वैश्विक व्यापार बड़ी मात्रा में समुद्री परिवहन पर निर्भर है। हालांकि, संबंधित घटनाओं के स्थान और हमलों में शामिल पक्षों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








