शासकीय हेलीकॉप्टर से जुड़े बीमा दावे को चार साल से अधिक समय तक लंबित रखने के मामले में विमानन संचालनालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कंपनी के खिलाफ यह कार्रवाई सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी धन से जुड़े दावों के निपटारे में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए की गई है।
जानकारी के अनुसार, शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे के निपटारे में चार साल से अधिक समय तक देरी हुई। लंबे समय तक दावा लंबित रहने के कारण मामले की समीक्षा की गई। विमानन संचालनालय ने इस दौरान संबंधित कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया।
कार्रवाई से पहले कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में कंपनी की ओर से लिखित पक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। उपलब्ध तथ्यों और कंपनी के जवाब पर विचार करने के बाद विमानन संचालनालय ने आदेश जारी करते हुए कंपनी को तीन वर्ष की अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया।
राज्य सरकार ने कार्रवाई के संबंध में कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और जनता के पैसे से जुड़े बीमा दावों के निपटारे में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं है। सरकार के मुताबिक, ऐसे मामलों में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
विमानन संचालनालय के इस निर्णय से सरकारी हेलीकॉप्टर और अन्य विमानन परिसंपत्तियों से जुड़े बीमा मामलों में समयबद्ध प्रक्रिया अपनाने का संदेश गया है। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी संपत्ति से जुड़े दावों के निपटारे में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।








