मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने मंगलवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद संसद परिसर से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च के लिए जुटे। इस दौरान नेताओं और सांसदों ने “लोकतंत्र बचाओ” और “मेरा वोट बचाओ” जैसे नारे लगाए।
विपक्षी दलों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ फैसलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं; चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है और मामले से जुड़े विवादों पर कानूनी एवं संवैधानिक प्रक्रियाएं जारी हैं।
संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च
कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के कई दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार के पास एकत्र होकर मार्च शुरू किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, सांसदों को सुबह 10:30 बजे जुटने और 11 बजे शांतिपूर्ण मार्च शुरू करने के लिए कहा गया था।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों के हाथों में लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े पोस्टर नजर आए। विपक्ष इस अभियान को व्यापक ‘सेव डेमोक्रेसी’ और मतदाता अधिकारों से जुड़े आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
SIR और मतदाता सूची बना बड़ा मुद्दा
विरोध का मुख्य केंद्र Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कई सवाल उठे हैं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की जरूरत है।
विपक्ष ने CEC के इस्तीफे के अलावा SIR प्रक्रिया को लेकर भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया से जुड़े फैसलों का बचाव किया गया है। इस पूरे विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी संबंधित मुद्दों पर सुनवाई और कानूनी जांच की प्रक्रिया चल रही है।
DMK और AAP मार्च से दूर
INDIA गठबंधन की इस कार्रवाई के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) और DMK के मार्च में शामिल नहीं होने की जानकारी सामने आई है। दोनों दलों की अनुपस्थिति के कारण विपक्षी एकता को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हुई है।
आगे भी जारी रहेगा विरोध अभियान
विपक्षी गठबंधन ने इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में प्रदर्शन, पदयात्राओं और जनसभाओं के जरिए मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को उठाने की योजना बनाई है।
इस बीच दिल्ली में मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। चुनाव आयोग के मुख्यालय और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।








