केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी में बनाए गए विभिन्न जोन का अवलोकन किया और नई न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों तथा प्रक्रियाओं को विस्तार से देखा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों को देश में लागू नवीन न्याय संहिताओं और न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में सरल एवं व्यावहारिक तरीके से जानकारी देना है। यह प्रदर्शनी 7 अक्टूबर तक चलेगी।
14 जोन में दिखाई गई पूरी न्याय प्रक्रिया
प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें भारतीय न्याय व्यवस्था की प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में बांटकर 14 विभिन्न जोन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यहां अपराध की सूचना मिलने से लेकर जांच, फॉरेंसिक परीक्षण, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया है।
इसके लिए सजीव मॉडलों के साथ डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट और लाइव प्रदर्शन का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य आम लोगों के लिए न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सहज और समझने योग्य बनाना है।
तकनीक के जरिए समझाई गई नई न्याय व्यवस्था
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि अपराध से संबंधित सूचना मिलने के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियां किस तरह आगे बढ़ती हैं। जांच प्रक्रिया में फॉरेंसिक तकनीक की भूमिका, अभियोजन की प्रक्रिया और अदालत में होने वाली कार्यवाही को भी अलग-अलग माध्यमों से समझाया गया है।
इस तरह प्रदर्शनी केवल नवीन कानूनों की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को न्याय व्यवस्था के विभिन्न चरणों से परिचित कराने का प्रयास भी करती है।
नागरिकों को जागरूक करना मुख्य उद्देश्य
प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य नवीन न्याय संहिताओं को लेकर आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। नए कानूनी प्रावधानों को केवल कानूनी भाषा में समझने के बजाय उन्हें मॉडल, वीडियो और डिजिटल प्रस्तुतियों के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
इस पहल के जरिए नागरिकों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि नई न्याय व्यवस्था में जांच और न्याय की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है और आधुनिक तकनीक इसमें किस तरह भूमिका निभाती है।
सीएम मोहन यादव ने बताईं मध्यप्रदेश की तैयारियां
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मध्यप्रदेश में नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सायबर सुरक्षा और जागरूकता, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक अभियानों तथा पुलिस से जुड़े नवाचारों के बारे में भी केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया।
राज्य सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और जागरूकता अभियानों के माध्यम से नागरिकों को नए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस और न्याय व्यवस्था में तकनीकी बदलाव पर जोर
नवीन न्याय संहिताओं के साथ जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में प्रदर्शनी में डिजिटल माध्यमों और लाइव डेमो के जरिए प्रक्रिया को प्रस्तुत करना लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना है।
इससे विशेष रूप से युवाओं और आम नागरिकों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में तकनीक किस प्रकार जांच और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने में योगदान दे सकती है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भोपाल में आयोजित यह प्रदर्शनी नवीन न्याय संहिताओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक जागरूकता पहल के रूप में देखी जा रही है। 7 अक्टूबर तक चलने वाली प्रदर्शनी में आम नागरिकों को नई न्याय व्यवस्था, उसकी प्रक्रिया और तकनीकी बदलावों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।








