तमिलनाडु में नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण से जुड़े आर. वीरमणि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) प्रमुख विजय ने इस मामले को लेकर डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है।
विजय ने आरोप लगाया कि इस मामले में तत्कालीन डीएमके सरकार के कार्यकाल के दौरान शिकायत सामने आने के बावजूद पूरी घटना और उससे जुड़े तथ्यों को दबा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच किसी तरह की समझ बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला?
मामला जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर. वीरमणि से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण के आरोपों की जांच के सिलसिले में अगस्त में वीरमणि के साथ शांति और उनके पति महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया था। उस समय एक बाल अधिकार कार्यकर्ता ने कथित तौर पर एंटी-वाइस स्क्वॉड से संपर्क किया और एक पेन ड्राइव सौंपी थी। इसमें एक नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न का वीडियो होने की बात सामने आई थी।
विजय ने स्टालिन से मांगा जवाब
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विजय ने स्टालिन को सीधे संबोधित किया और मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि शिकायत सामने आने के बावजूद मामले की पूरी सच्चाई सामने क्यों नहीं आई।
विजय ने आरोप लगाया कि इस मामले में डीएमके और एआईएडीएमके दोनों की ओर से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है। उन्होंने राजनीतिक दलों के बीच किसी संभावित समझौते पर भी सवाल उठाया।
उपचुनाव के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद
विजय ने ये बयान उस चुनावी अभियान के दौरान दिए, जो एआईएडीएमके विधायक के इस्तीफे के बाद होने वाले उपचुनाव के संदर्भ में था। मामले को लेकर उनके आरोपों ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
हालांकि, विजय की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।








