धनबाद, 25 सितंबर: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में गुरुवार को 6वें भारतीय राष्ट्रीय भूजल सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देशभर से आए वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, शिक्षाविदों और जल विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूजल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और सतत उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है।
सम्मेलन के दौरान भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट, जल गुणवत्ता में सुधार, भूजल पुनर्भरण (रिचार्ज) की प्रभावी तकनीकों तथा जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने भविष्य की जल चुनौतियों से निपटने के लिए नवीन शोध और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से घट रहा है, जो आने वाले समय के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भूजल एक अमूल्य और सीमित प्राकृतिक संसाधन है, इसलिए इसके संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न आईआईटी, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। यह मंच वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अपने अध्ययन, अनुभव और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान कर रहा है, जिससे भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और समाधान सामने आ सकें।








