जयपुर, 12 अक्टूबर। राजस्थान औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के आधुनिकीकरण और युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत राजस्थान शेयर होल्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस पहल के अंतर्गत भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को राष्ट्रीय संचालन समिति ने मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग जगत के सहयोग से प्रदेश के राजकीय आईटीआई को आधुनिक बनाया जाएगा। राजस्थान में कुल 12 हब-स्पोक क्लस्टर प्रस्तावित हैं। इनसे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
भिवाड़ी क्लस्टर में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं
भिवाड़ी क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड होगी। राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को हब बनाया जाएगा, जबकि अलवर, नीमराणा, तिजारा और किशनगढ़बास के आईटीआई स्पोक संस्थानों के रूप में इससे जुड़ेंगे। स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और डिजिटल शिक्षण सामग्री का लाभ सभी संबंधित संस्थानों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
एनसीआर क्षेत्र में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण उद्योगों की मांग को देखते हुए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
11 अन्य क्लस्टर्स के लिए प्रस्ताव आमंत्रित
भिवाड़ी के अलावा जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बांसवाड़ा, बालोतरा, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटपूतली, सीकर और पाली में भी क्लस्टर विकसित किए जाने हैं। इनके लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
योजना में क्लस्टर लागत का लगभग 50 प्रतिशत केंद्र, 33 प्रतिशत राज्य और 17 प्रतिशत उद्योग वहन करेगा। इससे प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलेगी।








