ग्वालियर किले पर तीन दिवसीय प्रकाश पर्व संपन्न, गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ में उमड़े श्रद्धालु

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ग्वालियर, मध्य प्रदेश। ऐतिहासिक ग्वालियर किले पर स्थित गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हो गया। इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और सिखों के छठवें गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी को नमन करते हुए मत्था टेका। गुरुद्वारे में अरदास और कीर्तन के माध्यम से संगत ने गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

प्रकाश पर्व के दौरान गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया, जबकि शबद चौकियों के माध्यम से गुरु साहिब के जीवन, शिक्षाओं और ऐतिहासिक योगदान का वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ कार्यक्रमों में भाग लिया और गुरु घर में हाजिरी लगाई।

इस पर्व का विशेष महत्व गुरु हरगोबिंद साहिब जी से जुड़े उस ऐतिहासिक प्रसंग के कारण है, जिसमें उन्होंने मुगल बादशाह जहांगीर की कैद से 52 राजाओं को मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सिख परंपरा में इस घटना को त्याग, साहस, न्याय और दूसरों की स्वतंत्रता के लिए खड़े होने के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। इसी ऐतिहासिक घटना से गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ की पहचान जुड़ी हुई है।

हर साल आयोजित होने वाला यह प्रकाश पर्व सिख समुदाय के लिए आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। आयोजन के दौरान संगत ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद किया और आपसी भाईचारे, सेवा तथा मानवता का संदेश ग्रहण किया।

तीन दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के साथ ही गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने पर्व की महत्ता को एक बार फिर उजागर किया। यह आयोजन गुरु परंपरा, ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक आस्था के प्रति समर्पण का प्रतीक बना।

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