नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टेरिटोरियल आर्मी के स्थापना दिवस के अवसर पर इसके सभी जवानों, अधिकारियों और पूर्व सैनिकों को बधाई दी। उन्होंने टेरिटोरियल आर्मी को आम नागरिकों के देश की सेवा करने के असाधारण संकल्प, समर्पण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि टेरिटोरियल आर्मी ऐसे नागरिकों को देश की सेवा करने का अवसर प्रदान करती है, जो अपने सामान्य पेशे और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ राष्ट्र की सुरक्षा में भी योगदान देते हैं। इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर नियमित सेना को सहयोग देना और विभिन्न परिस्थितियों में देश की सहायता करना है।
टेरिटोरियल आर्मी भारतीय रक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें शामिल लोग सामान्य जीवन में अपने व्यवसाय, नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, जबकि सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर आवश्यकता के समय देश की सेवा के लिए तैयार रहते हैं। यही विशेषता इसे नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाती है।
रक्षा मंत्री ने टेरिटोरियल आर्मी के योगदान को याद करते हुए इसके सदस्यों के अनुशासन, प्रतिबद्धता और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित किया। देश की सुरक्षा से जुड़े कार्यों के अलावा, आवश्यकता के अनुसार इसके जवानों को विभिन्न सहायता अभियानों में भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
टेरिटोरियल आर्मी की स्थापना का मूल उद्देश्य प्रशिक्षित नागरिकों की भागीदारी के माध्यम से देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करना है। यह संगठन इस विचार को सामने रखता है कि राष्ट्र की सेवा केवल पूर्णकालिक सैन्य सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक भी अपनी क्षमताओं और समय के माध्यम से देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
स्थापना दिवस के अवसर पर दिया गया संदेश टेरिटोरियल आर्मी के सदस्यों के त्याग, समर्पण और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन नागरिकों में देशभक्ति, जिम्मेदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी देता है।








