देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार आज नई दिल्ली से JOSH (Joint Sked for Health Teams) अभियान की शुरुआत करेगी। अभियान के पहले चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर टीबी को लेकर जागरूकता बढ़ाना तथा समय पर जांच और उपचार को प्रोत्साहित करना है।
JOSH अभियान के तहत क्लास-1 अधिकारियों, ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों और NCC कैडेटों की टीमें गांवों, वार्डों और ब्लॉक स्तर तक पहुंचेंगी। ये टीमें लोगों को टीबी के शुरुआती लक्षणों, संक्रमण से बचाव, समय पर जांच कराने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज का पूरा कोर्स करने के बारे में जानकारी देंगी।
अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य टीबी से जुड़े भ्रम, गलत धारणाओं और सामाजिक कलंक को दूर करना भी है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि टीबी की पहचान और उपचार में देरी बीमारी को गंभीर बना सकती है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर बिना झिझक जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
अभियान के दौरान ब्लॉक, वार्ड और गांव स्तर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सीधे आम लोगों तक पहुंचाने और टीबी की जल्द पहचान को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
कार्यक्रम में ‘खुशी अवतार’ AI चैटबॉट भी लॉन्च किया जाएगा। तकनीक आधारित यह पहल टीबी से संबंधित जानकारी और जागरूकता को आसान तरीके से लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
- मध्यप्रदेश के 55 जिलों में शामिल होने से राज्य में टीबी उन्मूलन से जुड़े प्रयासों को स्थानीय स्तर पर और व्यापक बनाने का अवसर मिलेगा। JOSH अभियान के जरिए प्रशासन, युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी से टीबी के खिलाफ जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।








