मध्यप्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को लेकर निर्वाचन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल से प्रदेश के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में मतदाता सूची के कार्यों की प्रगति, आवेदन प्रक्रिया और मैदानी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्म-6 के साथ अब अलग से घोषणा पत्र नहीं लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता पंजीकरण से संबंधित प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और प्रावधानों का ही पालन सुनिश्चित किया जाए। अनावश्यक दस्तावेज या अतिरिक्त प्रक्रिया के कारण नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
संजीव कुमार झा ने कहा कि मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी स्तरों पर सावधानीपूर्वक कार्य किया जाना जरूरी है। उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा कि फार्म-6 सहित अन्य निर्वाचन प्रपत्रों के निराकरण में समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
वर्चुअल बैठक में अधिकारियों से उनके जिलों में चल रहे मतदाता सूची संबंधी कार्यों की जानकारी भी ली गई। साथ ही आवेदन प्राप्त होने के बाद उनके परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि मतदाताओं को निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवेदन करते समय किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। विशेष रूप से नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विषयों और समस्याओं की जानकारी साझा की। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि निर्वाचन से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय और नियमित निगरानी बनाए रखना आवश्यक है।
निर्वाचन विभाग के इन निर्देशों से फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नागरिकों के लिए प्रक्रिया को लेकर स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।








