केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े आंदोलन और विपक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में होने वाली घटनाओं पर विपक्ष की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं रहती। सिंह ने विशेष रूप से पंजाब, कर्नाटक और केरल में सामने आने वाली घटनाओं का संदर्भ देते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल खड़े किए।
गिरिराज सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन किया जा रहा है। 2 अक्टूबर को मुंबई में CJP के समर्थकों ने प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
आंदोलन को लेकर गिरिराज सिंह का सवाल
गिरिराज सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों का रवैया घटनाओं के आधार पर अलग-अलग दिखाई देता है। उनका कहना है कि कुछ राज्यों में होने वाली घटनाओं पर विपक्ष मुखर नजर आता है, जबकि अन्य मामलों में उसकी प्रतिक्रिया उतनी तीखी नहीं दिखाई देती।
सिंह ने इसी अंतर को लेकर विपक्ष से सवाल किया कि यदि कानून-व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकार या किसी अन्य मुद्दे को लेकर चिंता है तो उसका आकलन सभी राज्यों और घटनाओं के संदर्भ में समान रूप से किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन कर रही CJP
कॉकरोच जनता पार्टी ने हाल के दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में संशोधन को लेकर अपना विरोध तेज किया है। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई है। सितंबर में CJP ने चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
2 अक्टूबर को मुंबई में हुए प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। Reuters के अनुसार, CJP ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू करने की बात कही है। वहीं चुनाव आयोग की ओर से किसी गलत काम के आरोपों से इनकार किया गया है और नए पात्र मतदाताओं तथा छूटे हुए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े कदमों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
CJP के आंदोलन की पृष्ठभूमि
कॉकरोच जनता पार्टी का उभार इस वर्ष छात्र आंदोलनों के दौरान हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआत में यह समूह सोशल मीडिया आधारित आंदोलन के रूप में सामने आया था। बाद में इसने सड़क पर प्रदर्शन शुरू किए और शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी अभियान शुरू किया। CJP का आरोप है कि मतदाता सूची में किए जा रहे बदलाव से बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है।
गिरिराज सिंह पहले भी कर चुके हैं टिप्पणी
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर गिरिराज सिंह पहले भी बयान दे चुके हैं। सितंबर में पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर CJP के समर्थन को लेकर निशाना साधा था। उस समय सिंह ने आंदोलन के समर्थन को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
वहीं 25 सितंबर को बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी सिंह से CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और आंदोलन की चेतावनी को लेकर सवाल किया गया था। उन्होंने संगठन की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के उसके अधिकार और औचित्य को लेकर टिप्पणी की थी।
विपक्ष और CJP की ओर से अलग-अलग रुख
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर विपक्षी नेताओं और दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठाया है, जबकि सरकार और सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से आंदोलन तथा विपक्ष की भूमिका पर सवाल किए गए हैं।
इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची में बदलाव, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और पात्र मतदाताओं के अधिकार जैसे मुद्दे हैं। CJP इन मुद्दों पर आंदोलन कर रही है, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं का बचाव कर रहा है।
राज्यों में घटनाओं पर प्रतिक्रिया को लेकर सवाल
गिरिराज सिंह ने अपने बयान में पंजाब, कर्नाटक और केरल का उल्लेख करते हुए विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाया। उनका तर्क है कि यदि किसी घटना को लेकर राजनीतिक दल गंभीरता से प्रतिक्रिया देते हैं तो समान प्रकृति के मामलों में भी उन्हें समान रुख अपनाना चाहिए।
हालांकि, अलग-अलग राज्यों की घटनाओं, उनके कारणों और राजनीतिक परिस्थितियों में अंतर हो सकता है। इसलिए इन मामलों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित घटनाओं और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के साथ अब चुनाव आयोग, मतदाता सूची और राजनीतिक दलों की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है। CJP अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कह रही है, जबकि सरकार और उसके नेताओं की ओर से आंदोलन के औचित्य और विपक्ष के समर्थन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गिरिराज सिंह का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने विपक्ष की प्रतिक्रियाओं में कथित अंतर को मुद्दा बनाया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और CJP के आंदोलन पर विभिन्न राजनीतिक दलों का रुख किस तरह सामने आता है। ek original image bhejo








