ताइवान को मिले अमेरिका निर्मित F-16V लड़ाकू विमान, चीन के खतरे के बीच बढ़ाई सैन्य क्षमता

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चीन के साथ बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच ताइवान ने अपनी वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अमेरिका में निर्मित दो F-16V लड़ाकू विमान शुक्रवार को ताइवान पहुंच गए। इन विमानों की तैनाती को ताइवान की सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित दोनों F-16V विमान साफ मौसम के बीच ताइवान के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित ताइतुंग एयर फोर्स बेस पर उतरे। ताइवान के लिए यह डिलीवरी ऐसे समय हुई है, जब वह चीन की सैन्य गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

66 F-16V विमानों की है डील

ताइवान और अमेरिका के बीच F-16V विमानों की यह आपूर्ति करीब 8 अरब डॉलर के रक्षा सौदे का हिस्सा है। इस सौदे के तहत ताइवान को कुल 66 F-16V लड़ाकू विमान मिलने हैं। इस समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान मंजूरी दी गई थी और विमानों की डिलीवरी इसी वर्ष निर्धारित की गई थी।

F-16V को F-16 लड़ाकू विमान परिवार का आधुनिक संस्करण माना जाता है। ताइवान अपनी मौजूदा वायुसेना को आधुनिक बनाने और संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए इन विमानों को अपने रक्षा ढांचे में शामिल कर रहा है।

चीन के साथ तनाव के बीच अहम डिलीवरी

ताइवान की सैन्य तैयारियों के पीछे चीन के साथ उसका लंबे समय से चला आ रहा विवाद प्रमुख कारणों में से एक है। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है और उसने जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग के जरिए ताइवान को अपने नियंत्रण में लेने की बात कही है।

वहीं, ताइवान खुद को एक लोकतांत्रिक स्वशासित व्यवस्था के रूप में संचालित करता है। ऐसे में ताइवान लगातार अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

14 अरब डॉलर के नए हथियार पैकेज पर भी नजर

F-16V विमानों की पहली खेप ताइवान पहुंचने के साथ ही अमेरिका से जुड़े एक अन्य बड़े रक्षा सौदे पर भी नजर बनी हुई है। ताइवान को अमेरिका से करीब 14 अरब डॉलर के अलग हथियार पैकेज की मंजूरी का इंतजार है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की आपत्तियों के बाद इस पैकेज को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल रोक दिया है। ऐसे में ताइवान के लिए आगामी अमेरिकी रक्षा फैसले काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

वायुसेना के आधुनिकीकरण पर ताइवान का जोर

F-16V विमानों की प्राप्ति ताइवान की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपनी वायुसेना और व्यापक सैन्य ढांचे को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रहा है। नए विमानों से ताइवान को अपनी हवाई निगरानी और रक्षा क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पहले दो विमानों का ताइतुंग एयर बेस पर पहुंचना 66 विमानों वाले पूरे कार्यक्रम की शुरुआत को दर्शाता है। आने वाले समय में अन्य विमानों की डिलीवरी के साथ ताइवान की वायुसेना में आधुनिक F-16V विमानों की संख्या बढ़ेगी।

चीन-ताइवान तनाव की पृष्ठभूमि में अमेरिका से मिलने वाले ये लड़ाकू विमान ताइवान की रक्षा तैयारियों में एक महत्वपूर्ण जोड़ हैं। हालांकि, क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर इसका व्यापक प्रभाव अमेरिका-चीन संबंधों और ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों पर भी निर्भर करेगा।

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