मेट्रिमोनियल साइट्स के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

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भोपाल/मंदसौर। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंदसौर पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए गिरोह के कथित मुख्य सरगना समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मेट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से लोगों से संपर्क कर पहले उनका विश्वास जीतते थे और इसके बाद अलग-अलग तरीकों से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाते थे।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई। शुरुआती जांच में गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में 150 से अधिक साइबर अपराधों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं के माध्यम से 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का भी प्रारंभिक अनुमान है।

मेट्रिमोनियल साइट्स को बनाया ठगी का माध्यम

जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य ऑनलाइन मेट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान आरोपी सामने वाले व्यक्ति का भरोसा हासिल करने की कोशिश करते थे। विश्वास कायम होने के बाद कथित तौर पर अलग-अलग बहानों का इस्तेमाल कर उनसे रकम हासिल की जाती थी।

इस तरह आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल केवल संपर्क स्थापित करने के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी ठगी की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में कितने लोग सक्रिय थे और देश के किन-किन राज्यों में इनके नेटवर्क का विस्तार था।

तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मंदसौर पुलिस ने मामले की जांच में तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया। संदिग्ध मोबाइल नंबर, सिम कार्ड, डिजिटल गतिविधियों और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को खंगालते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से गिरोह के काम करने के तरीके तथा अन्य संभावित मामलों से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद है।

8 लाख रुपये से अधिक की रकम फ्रीज

पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े विभिन्न बैंक खातों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कराई गई है। पुलिस अब बैंकिंग लेन-देन की विस्तृत जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और उसे आगे कहां ट्रांसफर किया गया।

150 से अधिक मामलों से कनेक्शन की जांच

प्रारंभिक जांच में गिरोह का संबंध 150 से अधिक साइबर घटनाओं से सामने आया है। वहीं, ठगी की कुल रकम 11 करोड़ रुपये से अधिक होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन मामलों की कड़ियों को जोड़ने के साथ-साथ दूसरे राज्यों की पुलिस और संबंधित एजेंसियों से भी जानकारी साझा कर सकती है, ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

मंदसौर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन मेट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों से बातचीत के दौरान सावधानी बरतने और किसी भी परिस्थिति में बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर नहीं करने की अपील की है।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और साइबर अपराधों की कड़ियों की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ गिरोह की गतिविधियों और इससे जुड़े अन्य मामलों के बारे में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

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