6 नवंबर से शुरू होगा तीन दिवसीय आयोजन, 7 नवंबर को मुख्य दीपोत्सव; राम की पैड़ी से सरयू तट तक सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी
अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार रामनगरी को दीपों की रोशनी, रामायण आधारित सजावट और आधुनिक तकनीक के अनूठे मेल से सजाने की तैयारी है। आयोजन के दौरान करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही आसमान में 2,100 ड्रोन का विशेष शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें रामायण से जुड़े दृश्य और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दिखाई जाएंगी।
6 नवंबर से शुरू होगा तीन दिवसीय दीपोत्सव
दीपोत्सव का आयोजन 6 नवंबर से शुरू होने की तैयारी है और 7 नवंबर को मुख्य दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से घाटों, प्रमुख मार्गों, मंदिरों और शहर के दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सरयू तट और राम की पैड़ी को दीपों से सजाने के साथ-साथ अयोध्या की सड़कों पर भी रामायण की थीम पर सजावट किए जाने की योजना है। धर्मपथ पर रामायण आधारित प्रवेश द्वार और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सजावटी द्वार तैयार किए जाने हैं।
2100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामकथा
इस बार दीपोत्सव में तकनीक को भी खास जगह दी गई है। 2,100 ड्रोन के जरिए आसमान में विशेष शो आयोजित किया जाएगा। ड्रोन के माध्यम से रामायण से जुड़े दृश्य प्रस्तुत किए जाने की योजना है।
ड्रोन शो के अलावा थ्री-डी प्रोजेक्शन, लेजर शो और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स भी आयोजन का हिस्सा होंगे। इससे सरयू तट और राम की पैड़ी का दृश्य अलग आकर्षण पैदा करेगा। उपलब्ध योजना के अनुसार दीपोत्सव के बाद जमघट के अवसर पर भी ड्रोन शो दोबारा आयोजित करने का प्रस्ताव है।
240 से ज्यादा मंदिर-मठों में भी जलेंगे दीप
दीपोत्सव का आयोजन केवल सरयू घाटों तक सीमित नहीं रहेगा। योजना के तहत अयोध्या के 240 से अधिक मंदिरों और मठों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों को भी सजाया जाएगा।
प्रशासन की कोशिश है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को शहर के अलग-अलग हिस्सों में उत्सव का माहौल देखने को मिले। इसके लिए सजावट, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों पर भी काम किया जा रहा है।
2,100 से अधिक बटुक करेंगे सरयू आरती
इस बार सामूहिक सरयू आरती भी दीपोत्सव का प्रमुख हिस्सा होगी। योजना के मुताबिक 2,100 से अधिक बटुक सामूहिक रूप से सरयू आरती में शामिल होंगे।
इसके साथ रामलीला मंडलियों की प्रस्तुतियां, लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियों की शोभायात्रा भी आयोजित की जाएगी। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक झांकियां निकाले जाने की योजना है, जिनमें भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।
राम की पैड़ी पर लेजर शो और ग्रीन फायरवर्क्स
दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी और सरयू तट पर विशेष रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। लेजर शो और थ्री-डी प्रोजेक्शन के जरिए रामायण से जुड़े प्रसंगों को दर्शाने की तैयारी है।
म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। प्रशासन की ओर से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
पिछले रिकॉर्ड से आगे निकलने की तैयारी
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में करीब 1.71 लाख दीपों से हुई थी। इसके बाद हर वर्ष दीपों की संख्या में बढ़ोतरी हुई।
| वर्ष | प्रज्ज्वलित दीप |
|---|---|
| 2017 | 1.71 लाख |
| 2018 | 3.01 लाख |
| 2019 | 4.04 लाख |
| 2020 | 6.06 लाख |
| 2021 | 9.41 लाख |
| 2022 | 15.76 लाख |
| 2023 | 22.23 लाख |
| 2024 | 25 लाख |
| 2025 | 26,17,215 |
2025 में सरयू तट पर 26 लाख 17 हजार 215 दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। इस बार इस आंकड़े से आगे जाकर करीब 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है।
घाटों पर स्वयंसेवकों की अहम भूमिका
दीपों को निर्धारित पैटर्न में सजाने और दीप प्रज्ज्वलन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को जोड़े जाने की तैयारी है। हाल की तैयारियों के अनुसार सरयू के प्रमुख घाटों पर दीप सजाने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
दीपों की संख्या, निर्धारित पैटर्न और प्रज्ज्वलन व्यवस्था को लेकर स्वयंसेवकों को जिम्मेदारियां दी जाएंगी, ताकि मुख्य कार्यक्रम के दिन निर्धारित समय पर दीप प्रज्ज्वलित किए जा सकें।
देश-विदेश से मेहमानों को बुलाने की तैयारी
दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक रूप देने की तैयारी है। विभिन्न देशों के पर्यटन और संस्कृति से जुड़े प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना है। इसके अलावा 30 से अधिक देशों में भारतीय मिशनों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों तक निमंत्रण पहुंचाने की योजना भी सामने आई है।
इससे अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विदेशी तथा प्रवासी भारतीयों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
दीपोत्सव के जरिए बढ़ेगा अयोध्या का पर्यटन आकर्षण
दीपोत्सव अब अयोध्या के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो चुका है। लाखों दीपों की रोशनी, सरयू आरती, रामायण आधारित झांकियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधुनिक तकनीक से तैयार शो श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।
इस वर्ष भी प्रशासन का जोर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था के साथ आयोजन को व्यवस्थित तरीके से कराने पर है। करीब 30 लाख दीपों और 2,100 ड्रोन के प्रस्तावित शो के साथ अयोध्या दीपोत्सव-2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं।








