सड़क चौड़ीकरण के दौरान विवाद के बाद पुलिस का पहरा बढ़ा, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च; सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक सामग्री पर भी नजर
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाए जाने के दौरान हुए विवाद के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है, जबकि घटना से जुड़े मामलों में कई FIR दर्ज होने की बात सामने आई है।
मामला सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य से जुड़ा है। शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की जद में आने के कारण हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी दौरान सोमवार को इलाके में तनाव की स्थिति बनी और पुलिस तथा प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच टकराव हुआ।
विवाद के बाद पूरे इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है ताकि दोबारा भीड़ एकत्रित होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को रोका जा सके।
CCTV कैमरों के जरिए प्रमुख स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जबकि ड्रोन के माध्यम से ऊंचाई से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया है।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर प्रतिक्रिया न दें।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था मामला
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में सड़क और आधारभूत ढांचे से जुड़े विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया सामने आई।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर सहमति बनी थी और सोमवार को स्थानीय लोगों की ओर से भी उस हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया था। बाद में मौके पर भीड़ जुटने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पथराव के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा
मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग भी किया।
घटना के बाद पुलिस ने उपद्रव से जुड़े लोगों की पहचान शुरू की। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी निगरानी बढ़ाई है। पुलिस के अनुसार, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिशों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
15 लोगों को हिरासत में लिया गया
घटना के संबंध में पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। इसके अलावा अलग-अलग थानों में कई FIR दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और CCTV फुटेज की मदद से उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
जांच के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री पर नजर रखी जा रही है।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मस्जिद से जुड़े पक्ष और नगर निगम के बीच हुए समझौते के बाद अदालत ने संबंधित अपीलों का निपटारा कर दिया।
इस बीच प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था दोनों को लेकर अपनी तैयारियां जारी रखी हैं।
प्रशासन की अपील—अफवाहों पर ध्यान न दें
उज्जैन में मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की जा रही है। पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है और ड्रोन तथा CCTV के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के साथ पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों का जोर क्षेत्र में सामान्य स्थिति बनाए रखने और किसी भी नई घटना को रोकने पर है।








