उत्तर प्रदेश में बारिश का असर: कई नदियों का जलस्तर बढ़ा, वाराणसी में नाव संचालन पर रोक

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चार दिन की बारिश के बाद गंगा-यमुना समेत कई नदियों में बढ़ा पानी, प्रयागराज में संगम क्षेत्र जलमग्न; मुरादाबाद में रामगंगा ने पार किया खतरे का निशान

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में पिछले चार दिनों के दौरान हुई बारिश का असर अब प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। गंगा, यमुना और रामगंगा समेत कई नदियों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। वाराणसी में गंगा नदी का पानी बढ़ने के बाद घाटों पर नाव संचालन को अगले आदेश तक रोक दिया गया है।

बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने नदी किनारे बसे इलाकों और धार्मिक स्थलों पर भी असर डाला है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

वाराणसी में गंगा बढ़ी, नाव संचालन पर रोक

वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए घाटों पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने अगले आदेश तक नाव नहीं चलाने का निर्णय लिया है। गंगा में पानी बढ़ने के कारण नदी में नाव चलाना जोखिमपूर्ण माना जा रहा है।

वाराणसी के प्रमुख घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। नाविकों को भी फिलहाल नदी में नाव नहीं उतारने के निर्देश दिए गए हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही घाटों के आसपास के निचले हिस्सों में भी पानी का प्रभाव दिखाई देने लगा है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी के आसपास सावधानी बरतने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की जा रही है।

प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों का जलस्तर बढ़ा

प्रयागराज में भी गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। दोनों नदियों में पानी बढ़ने से संगम क्षेत्र में भी इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ता पानी संगम क्षेत्र के पास स्थित लेटे हनुमान जी मंदिर तक पहुंच गया है। संगम घाट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है और घाट क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई है।

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संगम क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

संगम क्षेत्र में बदला घाटों का स्वरूप

संगम क्षेत्र में पानी बढ़ने के कारण सामान्य दिनों में दिखाई देने वाला घाट का बड़ा हिस्सा अब जलमग्न हो गया है। नदी का पानी आगे बढ़ने से श्रद्धालुओं की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

बारिश के बाद नदियों में बढ़े प्रवाह के चलते नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी हो गया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

मुरादाबाद में रामगंगा खतरे के निशान के पार

मुरादाबाद में रामगंगा नदी का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। यहां रामगंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है और जलस्तर लगातार बढ़ने की जानकारी सामने आई है।

नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को जिला प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने संभावित स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

तटीय क्षेत्रों में अधिकारियों और संबंधित टीमों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी का जलस्तर आगे बढ़ने की स्थिति में प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी तैयारी रखी जा रही है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता नदी किनारे रहने वाली आबादी और आम लोगों की सुरक्षा है। वाराणसी में नाव संचालन पर रोक और मुरादाबाद में तटीय इलाकों के लिए चेतावनी इसी सतर्कता का हिस्सा है।

प्रशासनिक टीमें जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के किनारे या पानी से घिरे क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

बारिश के बाद बढ़ी सतर्कता

लगातार बारिश के बाद नदियों में पानी बढ़ना आने वाले समय में प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकता है। फिलहाल वाराणसी, प्रयागराज और मुरादाबाद में नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आने वाले घंटों में जलस्तर में होने वाले बदलाव पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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