दो दिन मौसम खराब रहने के कारण रोकी गई थी यात्रा, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर रखी नजर
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम की स्थिति में सुधार आने के बाद चारधाम यात्रा को एक बार फिर सुचारू कर दिया गया है। खराब मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। अब मौसम अनुकूल होने के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं को चारधाम की ओर जाने की अनुमति दे दी है।
चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान और पर्वतीय क्षेत्रों में संभावित जोखिम को देखते हुए 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर 2026 तक यात्रा स्थगित रखी गई थी। इस दौरान प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी।
मौसम सुधरने के बाद हटाई गई रोक
मौसम की स्थिति में सुधार के बाद सोमवार को चारधाम यात्रा फिर शुरू की गई। चारधाम यात्रा नियंत्रण संगठन, ऋषिकेश से मिले निर्देशों के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन ने यात्रा संचालन बहाल किया। जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में यात्रा मार्गों पर स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक निर्णय लेने का अधिकार संबंधित जिलाधिकारियों के पास रहेगा। यदि किसी क्षेत्र में अत्यधिक बारिश, भूस्खलन या मार्ग अवरुद्ध होने जैसी स्थिति बनती है, तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
चारधाम यात्रा बहाल होने के साथ ही प्रशासन ने पुलिस, तहसील प्रशासन, यात्रा नोडल अधिकारियों और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्गों की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इससे पहले खराब मौसम के कारण कई स्थानों पर यात्रियों को रोका गया था। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को गौरीकुंड, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी जैसे स्थानों पर रोके जाने की जानकारी सामने आई थी, जबकि गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई थी।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का असर
उत्तराखंड के कई हिस्सों में हाल के दिनों में बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ। कुछ मार्गों पर मलबा और भूस्खलन आने से आवाजाही बाधित हुई। 27 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार राज्य में कई सड़क मार्ग बंद थे, जिनमें पौड़ी, अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी के मार्ग भी शामिल थे।
बारिश के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और ठंड बढ़ने की स्थिति भी सामने आई है। ऐसे में चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की यात्रियों से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और मौसम खराब होने पर अनावश्यक जोखिम न लेने की सलाह दी गई है।
चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन की ओर से संबंधित जिलों और विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
यात्रा बहाली से श्रद्धालुओं को राहत
दो दिन की रोक के बाद यात्रा दोबारा शुरू होने से चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिली है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है, इसलिए यात्रा मार्गों की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी। श्रद्धालुओं से भी सावधानी बरतने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार ही यात्रा करने की अपील की गई है।








