पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के उपचार का लाभ, महंगे इलाज के खर्च की चिंता हुई कम
शहडोल, 27 सितंबर। गंभीर बीमारी सामने आने के बाद इलाज का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है। ऐसे समय में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पात्र परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन रही है। शहडोल जिले में योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ चिन्हित निजी अस्पतालों में भी निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवार को एक वर्ष में 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसका लाभ आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लिया जा सकता है। योजना के दायरे में आने वाले मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान होने वाले बड़े खर्च से राहत मिलती है।
निजी अस्पतालों में भी मिल रहा उपचार
शहडोल जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान योजना के तहत पात्र मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पतालों में हृदय रोग, किडनी से संबंधित बीमारी, सर्जरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज की सुविधा योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई जा रही है।
जिले में योजना के जमीनी प्रभाव को समझने के लिए निजी अस्पतालों का जायजा लिया गया। अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों को निर्धारित उपचार प्रक्रियाओं के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
महंगे इलाज के खर्च से परिवारों को राहत
गंभीर बीमारी के इलाज में दवाइयों, जांच, सर्जरी और अस्पताल में भर्ती होने का खर्च कई बार परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर हो जाता है। ऐसे मामलों में आयुष्मान कार्ड मरीज और उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण मददगार साबित हो रहा है।
हितग्राहियों का कहना है कि योजना के कारण उन्हें इलाज के लिए बड़ी रकम जुटाने की चिंता कम हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीमारी के समय इलाज के खर्च की व्यवस्था करना अपने आप में बड़ी चुनौती बन जाता है।
कुछ लाभार्थियों ने बताया कि पहले गंभीर बीमारी की स्थिति में कर्ज लेने या अपनी संपत्ति बेचने तक की चिंता रहती थी। आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा मिलने से ऐसी परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक दबाव से राहत मिल रही है।
आयुष्मान कार्ड बना जरूरतमंदों के लिए मदद का जरिया
योजना का लाभ लेने वाले हितग्राहियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड उनके लिए केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि बीमारी के कठिन समय में इलाज की उम्मीद का माध्यम बना है। पात्रता के आधार पर उपचार की सुविधा मिलने से परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों का भी कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी मरीज का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। ऐसी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
चिकित्सक डॉ. सी.पी. शर्मा ने योजना के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी साझा की। वहीं हितग्राही शिवम प्रजापति ने भी योजना से मिले लाभ और इलाज के दौरान मिली आर्थिक राहत के बारे में अपने अनुभव बताए।
इलाज के साथ आर्थिक सुरक्षा का भी सहारा
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी बड़े खर्च से बचाना है। शहडोल में निजी अस्पतालों तक योजना की सुविधा पहुंचने से गंभीर बीमारी से जूझ रहे पात्र मरीजों को उपचार का विकल्प मिल रहा है।
स्वास्थ्य संकट के दौरान जब परिवार का ध्यान मरीज के इलाज पर होना चाहिए, तब आर्थिक बोझ कई दूसरी परेशानियां खड़ी कर देता है। ऐसे में आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली उपचार सुविधा जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल के रूप में सामने आ रही है।
शहडोल में योजना से लाभान्वित हो रहे परिवारों के अनुभव यह बताते हैं कि स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ उपचार के खर्च को संभालना भी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।








