नोएडा/जालौन: एक साधारण सी शाम कुछ ही घंटों में दर्दनाक कहानी में बदल गई। नोएडा की रहने वाली 26 वर्षीय श्रुति अपने बहन के जन्मदिन में शामिल होने के लिए जालौन के उरई जा रही थीं। उन्हें बस तक छोड़ने पहुंचे उनके मंगेतर मोहित शर्मा को शायद अंदाज़ा भी नहीं था कि यह उनकी आख़िरी मुलाकात होगी।
मोहित, जो एक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में सुपरकंप्यूटर इंजीनियर हैं, श्रुति को कश्मीरी गेट बस अड्डे तक छोड़ने गए थे। बस रवाना होने के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। बताया जाता है कि मोहित लगभग 50 मिनट तक अपनी स्कूटी से बस के पीछे-पीछे चलते रहे और फोन पर बात करते रहे।
रास्ते में दोनों ने भविष्य की योजनाओं, परिवार और नवंबर में होने वाली अपनी शादी को लेकर बातचीत की। जब बस नोएडा की सीमा पार कर आगे बढ़ गई, तब मोहित ने भारी मन से विदा ली। रात करीब 10 बजे श्रुति ने उन्हें आखिरी बार फोन कर “गुड नाइट” कहा और घर पहुंचकर दोबारा बात करने का वादा किया।
लेकिन वह कॉल कभी नहीं आया।
रात के दौरान एक्सप्रेसवे पर चल रही बस में अचानक भीषण आग लग गई। हादसा इतना गंभीर था कि कई यात्रियों की जान चली गई। अगली सुबह जब दुर्घटना में मृत लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हुई, तब मोहित को सबसे दर्दनाक सच्चाई का सामना करना पड़ा। मृतकों में उनकी होने वाली पत्नी श्रुति भी शामिल थीं।
परिजनों के अनुसार, दोनों की शादी इसी वर्ष नवंबर में तय थी और दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों से भरे माहौल को मातम में बदल दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि उन अनगिनत सपनों के टूटने की कहानी है जो एक साथ भविष्य बनाने की उम्मीद में देखे गए थे।








