एंटी-इनकंबेंसी के दावे पर भी भाजपा ने उठाए सवाल, त्रिवेदी ने कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने वाले राज्यों का किया उल्लेख
नई दिल्ली, 25 सितंबर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से एंटी-इनकंबेंसी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर दिए गए बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पार्टी का पक्ष रखा।
त्रिवेदी ने एंटी-इनकंबेंसी के मुद्दे पर राहुल गांधी की राजनीतिक समझ और उनके दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि कई राज्यों में पार्टी लंबे समय से सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है।
एंटी-इनकंबेंसी के दावे पर भाजपा का तर्क
भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन राज्यों में कांग्रेस की लंबे समय तक सत्ता में वापसी नहीं हुई है और ऐसे उदाहरणों को देखते हुए राहुल गांधी द्वारा एंटी-इनकंबेंसी को लेकर किए जा रहे दावे पर सवाल उठते हैं।
त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास को अपने तर्क का आधार बनाते हुए राहुल गांधी के बयान की राजनीतिक व्याख्या पर आपत्ति जताई। हालांकि, ये टिप्पणियां भाजपा प्रवक्ता की ओर से दिए गए राजनीतिक तर्क और दावे हैं।
SIR को लेकर क्या कहा भाजपा ने?
चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर भी भाजपा ने जवाब दिया।
सुधांशु त्रिवेदी ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से अपनाई जा रही प्रक्रिया और उसके फैसलों पर सवाल उठाने के आधार को लेकर भी आपत्ति जताई।
भाजपा की ओर से दिए गए इस पक्ष के अनुसार, मतदाता सूची को अपडेट और पुनरीक्षित करने की प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था का हिस्सा है। इसी संदर्भ में त्रिवेदी ने SIR को चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र से जोड़कर देखा।
चुनावी व्यवस्था पर भी कांग्रेस को घेरा
भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान चुनावी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समय के साथ चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है।
त्रिवेदी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में आए बदलावों और बढ़ी पारदर्शिता का राजनीतिक असर कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर पड़ा है। यह भाजपा प्रवक्ता द्वारा व्यक्त किया गया राजनीतिक दावा है।
राहुल गांधी के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस
SIR और चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों के बाद भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस मुद्दे ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को सामने ला दिया है।
एक तरफ भाजपा SIR को कानूनी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा विषय बता रही है, वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस की आपत्तियां राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी आगे भी देखने को मिल सकती है।








