15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये हुई अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा, 17 सितंबर 2026 से लागू हुआ नया प्रावधान
शिमला, 25 सितंबर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अनिवार्य पीएफ कवरेज के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब यह सीमा 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। नई व्यवस्था 17 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जा रही है।
वेतन सीमा में इस बढ़ोतरी से उन कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने की उम्मीद है, जिनका मासिक वेतन अब तक निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण अनिवार्य EPFO कवरेज में शामिल नहीं हो पाता था। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF), पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता आसान होगा।
हिमाचल प्रदेश में भी इस बदलाव का व्यापक असर पड़ने की संभावना है। EPFO के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 8,664 अंशदायी प्रतिष्ठान संगठन से जुड़े हुए हैं। इन प्रतिष्ठानों में करीब 3,36,759 अंशदायी सदस्य हैं। इनमें से लगभग 96,244 सदस्य ऐसे हैं जो वर्तमान में 15,000 रुपये मासिक वेतन सीमा के आधार पर योगदान कर रहे हैं। नई वेतन सीमा लागू होने के बाद इन कर्मचारियों को इसका संभावित लाभ मिल सकता है।
कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?
वेतन सीमा बढ़ने का सीधा संबंध EPFO के अनिवार्य कवरेज से है। अब 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक व्यापक सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाया जा सकेगा। इसका असर कर्मचारी के PF योगदान, भविष्य की पेंशन संबंधी पात्रता और कर्मचारी जमा-लिंक्ड बीमा (EDLI) जैसे लाभों पर पड़ सकता है।
हालांकि, किसी कर्मचारी पर नए प्रावधान का वास्तविक प्रभाव उसके वेतन ढांचे, EPFO सदस्यता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए कर्मचारियों को अपने नियोक्ता अथवा EPFO रिकॉर्ड के माध्यम से अपनी पात्रता की जानकारी जांचने की सलाह दी जा सकती है।
हिमाचल में बढ़ेगा EPFO कवरेज
हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न निजी और संगठित प्रतिष्ठानों में कार्यरत हैं। वेतन सीमा में संशोधन से ऐसे कर्मचारियों की संख्या बढ़ सकती है जो EPFO की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आएंगे। इससे नौकरी के दौरान PF बचत के साथ-साथ भविष्य की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिल सकती है।
EPFO आयुक्त राजीव बिष्ट ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश से संबंधित आंकड़ों और नए प्रावधान की जानकारी साझा की। इस दौरान पात्र कर्मचारियों को EPFO से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की भी जानकारी दी गई।
उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 और एमनेस्टी-2026 सहित विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। इन अभियानों का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों और प्रतिष्ठानों को EPFO व्यवस्था से जोड़ना तथा संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।
96 हजार से ज्यादा कर्मचारियों पर नजर
हिमाचल में वर्तमान में 15 हजार रुपये की वेतन सीमा के आधार पर EPFO में योगदान करने वाले करीब 96,244 सदस्यों का आंकड़ा इस बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नई 25 हजार रुपये की सीमा से EPFO कवरेज का दायरा बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वेतन सीमा में बदलाव का महत्व केवल PF खाते तक सीमित नहीं है। EPFO से जुड़ने वाले पात्र कर्मचारियों को नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति बचत, पेंशन और बीमा सुरक्षा से संबंधित सुविधाएं मिल सकती हैं। हालांकि, इन लाभों की पात्रता संबंधित EPFO नियमों और कर्मचारी की स्थिति पर निर्भर करेगी।








