भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से होगा लागू, भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा

SHARE:

नई दिल्ली, 21 सितंबर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। विजयदशमी के दिन से प्रभावी होने वाले इस समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यूजीलैंड की संसद द्वारा समझौते को प्रभावी बनाने वाला कानून पारित किए जाने के बाद इसके लागू होने का रास्ता साफ हुआ है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समझौता लागू होने के बाद न्यूजीलैंड के बाजार में भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इसका सीधा लाभ भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है, खासकर उन क्षेत्रों को जहां रोजगार और छोटे कारोबार की बड़ी भूमिका है।

चार-पांच साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार को आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार अगले चार से पांच वर्षों में दोगुना होकर करीब 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। दोनों सरकारों ने व्यापारिक संपर्क बढ़ाने और समझौते के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया है।

मुक्त व्यापार समझौते के तहत शुल्क संबंधी बाधाएं कम होने से भारतीय उत्पादों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में प्रतिस्पर्धा की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं, दोनों देशों के बीच निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं।

कपड़ा, चमड़ा और इंजीनियरिंग क्षेत्र को मिलेगा अवसर

FTA में भारतीय निर्यात के कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें टेक्सटाइल और परिधान, चमड़ा एवं जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाले MSME और छोटे निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो सकता है।

सरकार के अनुसार, शुल्क-मुक्त पहुंच से भारतीय उत्पादों की लागत और प्रतिस्पर्धात्मकता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे निर्यात बढ़ने के साथ श्रम आधारित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता

समझौते का दायरा केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित नहीं है। इसके तहत न्यूजीलैंड की ओर से भारत में 15 वर्षों की अवधि में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी शामिल है। निवेश से कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, तकनीक और उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

इसके अलावा कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच साझेदारी और सहयोग का भी प्रावधान है। इसका उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक साझा करने और उन्हें वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने में मदद करना है।

यह भी पढ़ें:- एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पदक विजेताओं को दी बधाई

न्यूजीलैंड के उत्पादों को भी भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच

समझौते से दोनों देशों को बाजार पहुंच का लाभ मिलेगा। न्यूजीलैंड से आने वाले लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्चे चमड़े जैसे उत्पादों को भारतीय बाजार में बेहतर और तरजीही पहुंच मिलेगी। वहीं भारत ने कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते के तहत पूरी तरह संरक्षण दिया है। इनमें डेयरी और कई प्रमुख कृषि उत्पाद शामिल हैं।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार भारत ने लगभग 70 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर बाजार पहुंच की पेशकश की है, जबकि संवेदनशील उत्पादों को बाहर रखा गया है। इससे घरेलू कृषि और संबंधित क्षेत्रों के हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।

छात्रों और पेशेवरों के लिए भी खुलेंगे नए रास्ते

भारत-न्यूजीलैंड FTA में सेवाओं और लोगों की आवाजाही से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए न्यूजीलैंड में अवसरों को बढ़ाने वाले प्रावधान किए गए हैं।

STEM क्षेत्र के छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद काम करने के अवसर, कुशल पेशेवरों के लिए नए रास्ते और 5,000 पेशेवरों के लिए Temporary Employment Entry Visa जैसी व्यवस्थाएं समझौते का हिस्सा हैं। इससे शिक्षा, कौशल और रोजगार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना है।

व्यापार से आगे बढ़ेगी भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी

भारत और न्यूजीलैंड के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच शिक्षा, कृषि, खेल, तकनीक, निवेश और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल 2026 में दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अब इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आर्थिक साझेदारी के नए चरण की शुरुआत होगी।

20 अक्टूबर से लागू होने वाला यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पेशेवर संपर्क को आगे बढ़ाने का आधार बनेगा।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें